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वर्षामृतम्

निज भाषा की उन्नति अहै, सब भाषा को मूल।

 

हिन्दी दिवस के अवसर पर यह घोषित करते हुए आह्लादानुभूति हो रही है कि ’सारस्वत-निकेतनम्’ संस्कृति के उत्थान की दिशा में एक नयी पहल की है- वह है भारतीय भाषाओं में विविध गद्य-पद्य का भारतीयभाषापत्रिका’वर्षामृतम्’ पत्रिका के रूप में प्रकाशन

  • यह पत्रिका औपचारिक रूप से जल्द ही  varshaamritam.in साइट पर प्रथम अंक का प्रकाशन करेगी।
  • यह ’भारतीयभाषापत्रिका’ विविध भारतीय भाषाओं  (मूलतः हिन्दी, भोजपुरी, मैथिली, मराठी पंजाबी, बंगाली, असमी, उडिया आदि) में रचित गद्य-पद्य अभिव्यक्ति को प्रस्तुत करेगी।
  • इस पत्रिका प्रथम अंक  हेतु  रचनाप्रेषण jansampark.adisani@gmail.com पर  कर सकते है।
  • इसके साथ ही हमें भाषाविदों की भी अपेक्षा है जो इसके सम्पादन में हमारा साथ दे सकें। इच्छुक व्यक्ति सम्पर्क कर सकते है।
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